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मेष राशि

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: मेष

राशिमंगलअग्निचरज्योतिष

मेष राशि बारह राशियों में प्रथम है और आकाश-चक्र के 0° से 30° भाग में मानी जाती है। इसका स्वामी-ग्रह मंगल है, तत्व अग्नि है और यह चर (चलायमान) राशि कहलाती है। इसका संकेत मेष अर्थात् भेड़ है, जो आगे बढ़ने, स्फूर्ति और नेतृत्व का भाव दर्शाता है।

बृहत् पराशर होरा शास्त्र और सारावली जैसे ज्योतिष-ग्रंथों में राशियों का क्रम मेष से ही आरम्भ होता है। शास्त्रों में मेष को अग्नि-तत्व वाली तीन राशियों — मेष, सिंह और धनु — में पहली तथा पित्त-प्रधान और क्रूर राशि कहा गया है।

जन्म-कुंडली में मेष राशि का सूर्य, चंद्र या लग्न होना साहस, उत्साह, शीघ्र निर्णय और पहल करने की प्रवृत्ति देता है। सूर्य इस राशि में उच्च (बलवान) होता है, अतः फलादेश में मेष का विशेष महत्व है।

प्रसिद्ध कथन

बारह राशियाँ क्रम से — मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन (राशि-नामावली, भावानुवाद)।
मेष अपने नाम के अनुरूप मेष (भेड़) के रूप में दर्शाया गया है (भावानुवाद)।

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स्रोत: बृहत् पराशर होरा शास्त्र, सारावली