चैत्र मास
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: चैत
चैत्र मास हिन्दू चांद्र-वर्ष का प्रथम मास है। इसकी पूर्णिमा को चंद्र चित्रा नक्षत्र में रहता है, इसी से इसका नाम चैत्र पड़ा। यह वसंत ऋतु का पहला मास है और इसके अधिष्ठाता विष्णु का वासुदेव स्वरूप माने जाते हैं।
शास्त्रों में चांद्र मास का नाम उस नक्षत्र पर पड़ता है जिसमें उसकी पूर्णिमा होती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से विक्रम संवत् का नव वर्ष आरम्भ होता है।
इस मास में चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और रामनवमी जैसे पर्व मनाए जाते हैं। नए कार्य, व्रत और उत्सव के लिए यह मास अत्यंत शुभ माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
चैत्र मास की पूर्णिमा चित्रा नक्षत्र में होती है, अतः इसका नाम चैत्र पड़ा (भावानुवाद)।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध