श्रावण मास
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: सावन
श्रावण मास चांद्र-वर्ष का पाँचवाँ मास है। इसकी पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम श्रावण पड़ा। यह वर्षा ऋतु का पहला मास है और इसके अधिष्ठाता विष्णु का हृषीकेश स्वरूप माने जाते हैं।
श्रवण नक्षत्र से इस मास का नाम बना। वर्षा के चरम और हरियाली के कारण यह मास अत्यंत पवित्र माना जाता है।
श्रावण में शिव-उपासना, प्रत्येक सोमवार व्रत, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और कृष्ण जन्माष्टमी मनाए जाते हैं। इसे भक्ति और व्रत का सर्वश्रेष्ठ मास कहा जाता है।
प्रसिद्ध कथन
श्रावण मास की पूर्णिमा श्रवण नक्षत्र में होती है, इसीलिए इसका नाम श्रावण पड़ा (भावानुवाद)।
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध