अश्विनी नक्षत्र
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: अश्विनि, अश्विनी तारा
अश्विनी नक्षत्र आकाश में मेष राशि के आरंभिक भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह केतु तथा अधिदेवता अश्विनी कुमार हैं, जो औषधि और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं। इसका प्रतीक घोड़े का मुख है, जो गति, उत्साह और शीघ्रता का सूचक है।
यह नक्षत्र मेष राशि के शून्य अंश से 13 अंश 20 कलां तक फैला है और इसमें चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसका प्रयोग तारा और चरण के आधार पर फल बताने में किया जाता है। इसका आकाशीय क्षेत्र गति और नई शुरुआत से जुड़ा माना गया है।
स्वभाव से अश्विनी के जातक उत्साही, तेजस्वी और शीघ्र निर्णय लेने वाले होते हैं। यह नक्षत्र चिकित्सा, यात्रा, वाहन और नए कार्य के आरंभ के लिए शुभ माना जाता है। चंद्र-पथ का पहला नक्षत्र होने के कारण यह शुभ आरंभ का प्रतीक है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ अश्विनीकुमाराभ्यां नमः
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स्रोत: अथर्ववेद