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गुरुवार

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: बृहस्पतिवार, वीरवार

वारगुरुबृहस्पतिविष्णुग्रहज्योतिष

गुरुवार सप्ताह का पाँचवाँ वार है और इसका स्वामी-ग्रह गुरु अर्थात् बृहस्पति है। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। इसके अधिष्ठाता देव विष्णु (और बृहस्पति) हैं और इस दिन गुरु-वंदना का विधान है।

वारों की उत्पत्ति होरा-गणना से मानी जाती है। बृहस्पति ज्ञान, धर्म और विस्तार का कारक ग्रह है, इसलिए यह वार सर्वाधिक शुभ माना जाता है।

गुरुवार को विष्णु-पूजन, व्रत, दान और नए कार्य का आरम्भ शुभ माना जाता है। विवाह, दीक्षा और धार्मिक अनुष्ठान के लिए यह वार उत्तम माना जाता है।

प्रसिद्ध कथन

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
ॐ बृहस्पतये नमः॥

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स्रोत: सूर्य सिद्धांत