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स्वाति नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: स्वाती, निष्ठ्या

नक्षत्रतुला राशिराहुस्वतंत्रता

स्वाति नक्षत्र तुला राशि के मध्य भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह राहु और अधिदेवता वायु हैं। इसका प्रतीक युवा अंकुर या मूँगा है, जो लचीलापन और विकास का सूचक है।

यह तुला राशि के 6 अंश 40 कलां से 20 अंश तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का पंद्रहवाँ नक्षत्र है।

स्वाति के जातक स्वतंत्र, व्यवहारकुशल और संतुलन बनाने वाले होते हैं। यह नक्षत्र स्वतंत्रता, व्यापार और गमन का प्रतीक माना गया है। इसे लचीलापन और आत्मनिर्भरता का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ वायवे नमः

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स्रोत: सूर्य सिद्धांत