शुक्रवार
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: शुक्रवासर
शुक्रवार सप्ताह का छठा वार है और इसका स्वामी-ग्रह शुक्र है। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। इसके अधिष्ठाता देव लक्ष्मी (और संतोषी माता) हैं और इस दिन व्रत-पूजन का विधान है।
वारों की उत्पत्ति होरा-गणना से मानी जाती है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य, कला और ऐश्वर्य का कारक ग्रह है।
शुक्रवार को संतोषी माता और लक्ष्मी का व्रत रखा जाता है। विवाह, वस्त्र-आभूषण की खरीद और कला-कार्यों के लिए यह वार शुभ माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ शुक्राय नमः॥
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स्रोत: सूर्य सिद्धांत