शास्त्रज्ञग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान एवं शब्द — एक जगह

शतभिषा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: शतभिषक्, शतभिषा तारा

नक्षत्रकुंभ राशिराहुरहस्य

शतभिषा नक्षत्र कुंभ राशि के मध्य भाग में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह राहु और अधिदेवता वरुण हैं। इसका प्रतीक खाली वृत्त या गोल घेरा है, जो गूढ़ता और विस्तार का सूचक है।

यह कुंभ राशि के 6 अंश 40 कलां से 20 अंश तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। इसे तारा और चरण के आधार पर फल देने वाला माना जाता है। यह चंद्र-पथ का चौबीसवाँ नक्षत्र है।

शतभिषा के जातक गूढ़ चिंतन करने वाले, स्वतंत्र और अनुसंधान-प्रिय होते हैं। यह नक्षत्र जल, चिकित्सा और रहस्य का प्रतीक माना गया है। इसे गहन ज्ञान और एकांत का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ वरुणाय नमः

संबंधित

नक्षत्रराशिराहुमंगलपूर्वा भाद्रपद नक्षत्र

स्रोत: सूर्य सिद्धांत