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कृत्तिका नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: कृत्तिका तारा, अग्नि नक्षत्र

नक्षत्रवृष राशिसूर्यतेज

कृत्तिका नक्षत्र मेष राशि के अंतिम भाग और वृष राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह सूर्य और अधिदेवता अग्नि हैं। इसका प्रतीक अग्नि-शिखा या धारदार उपकरण है, जो तेज और तीक्ष्णता का सूचक है।

यह मेष के 26 अंश 40 कलां से वृष के 10 अंश तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। ज्योतिष में इसे तारा और चरण के आधार पर देखा जाता है। यह चंद्र-पथ का तीसरा नक्षत्र है।

कृत्तिका के जातक तेजस्वी, स्पष्टवक्ता और नेतृत्व करने वाले होते हैं। यह नक्षत्र शौर्य, पवित्रता और तीक्ष्ण बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। अग्नि से जुड़ा होने के कारण इसे शुद्धि और ऊर्जा का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ अग्नये नमः

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स्रोत: सूर्य सिद्धांत