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देवी एवं उपासना

दश महाविद्या, नवदुर्गा, सप्तमातृका आदि देवी-स्वरूप एवं उनकी उपासना।

कालीदस महाविद्याओं में प्रथम, काल (समय) की देवी; अज्ञान और अहंकार का नाश करने वाली उग्र शक्ति।तारादूसरी महाविद्या, संकट से पार ले जाने वाली; नील वर्ण, वाक् और ज्ञान की देवी।षोडशी (त्रिपुरसुंदरी)तीसरी महाविद्या, तीनों लोकों में सुंदर; श्रीविद्या और श्रीचक्र की अधिष्ठात्री देवी।भुवनेश्वरीचौथी महाविद्या, समस्त लोकों की स्वामिनी; जिनका शरीर ही पूरा ब्रह्मांड है।छिन्नमस्तापाँचवीं महाविद्या, जिन्होंने स्वयं अपना सिर काटा; अहंकार और द्वैत के नाश की प्रतीक।भैरवीछठी महाविद्या, शिव की भैरव-शक्ति; तप और तेज की उग्र देवी।धूमावतीसातवीं महाविद्या, धुएँ की देवी; विधवा रूप में अभाव और भय दूर करने वाली।बगलामुखीआठवीं महाविद्या, पीत-वर्णा; शत्रु की वाणी और बुद्धि को स्तंभित करने वाली।मातंगीनौवीं महाविद्या, तांत्रिक सरस्वती; वाणी, संगीत और कला की देवी।कमलादसवीं महाविद्या, कमल-रूपा; लक्ष्मी की तांत्रिक शक्ति, धन और समृद्धि की देवी।ब्राह्मणीसप्तमातृका में प्रथम, ब्रह्मा की शक्ति; विद्या, वाणी और बुद्धि की दात्री।वैष्णवीसप्तमातृका की द्वितीय, विष्णु की शक्ति; पालन, रक्षा और धन की दात्री।माहेश्वरीसप्तमातृका की तृतीय, शिव की शक्ति; विघ्न-नाश और मोक्ष की दात्री।कौमारीसप्तमातृका की चतुर्थ, कार्तिकेय की शक्ति; साहस, यश और संतान की दात्री।वाराहीसप्तमातृका की पाँचवीं, वराह की शक्ति; सूकर-मुखी, शत्रु-दमन की देवी।इंद्राणीसप्तमातृका की छठी, इंद्र की शक्ति; ऐश्वर्य और राज-सत्ता की दात्री।चामुंडासप्तमातृका की सातवीं और सर्वाधिक उग्र; चंड-मुंड का वध करने वाली देवी।शैलपुत्रीनवदुर्गा की प्रथम देवी; हिमालय की पुत्री, वृषभ पर आरूढ़, हाथ में त्रिशूल और कमल धारण करने वाली।ब्रह्मचारिणीनवदुर्गा की द्वितीय देवी; तपस्विनी रूप, हाथों में जपमाला और कमंडल धारण करने वाली।चंद्रघंटानवदुर्गा की तृतीय देवी; मस्तक पर अर्धचंद्र, सिंह पर आरूढ़, शस्त्रों से युक्त।कूष्मांडानवदुर्गा की चतुर्थ देवी; अपनी मुस्कान से सृष्टि रचने वाली, सिंह पर आरूढ़।स्कंदमातानवदुर्गा की पंचम देवी; पुत्र स्कंद (कार्तिकेय) को गोद में लिए, सिंह पर आरूढ़।कात्यायनीनवदुर्गा की षष्ठ देवी; कात्यायन ऋषि के वंश में जन्मी, सिंह पर आरूढ़ योद्धा देवी।कालरात्रिनवदुर्गा की सप्तम देवी; काला वर्ण, गर्दभ पर आरूढ़, भय नष्ट करने वाली उग्र रूप।महागौरीनवदुर्गा की अष्टम देवी; गौर वर्ण, श्वेत वृषभ पर आरूढ़, शांति की देवी।सिद्धिदात्रीनवदुर्गा की नवम देवी; सभी सिद्धियाँ देने वाली, कमल पर विराजमान।अन्नपूर्णाअन्न और पोषण की देवी; काशी में विराजमान पार्वती का अन्नदात्री स्वरूप।संतोषी मातासंतोष की देवी; शुक्रवार व्रत और गुड़-चने के प्रसाद से पूजित लोकदेवी।शीतला मातारोग और चेचक हरने वाली देवी; गर्दभ पर आरूढ़, हाथ में सूप, झाड़ू और कलश।नंदा देवीउत्तराखंड की इष्टदेवी; हिमालय की पुत्री और माँ पार्वती का रूप।करणी माताराजस्थान की लोकदेवी; देशनोक में चूहों (काबा) वाला प्रसिद्ध मंदिर।बहुचरा मातागुजरात की कुलदेवी; मुर्गे पर आरूढ़, किन्नर समुदाय की आराध्य देवी।खोडियार मातागुजरात-राजस्थान की कुलदेवी; मगरमच्छ पर आरूढ़, हाथ में त्रिशूल।हिडिंबा देवीमनाली (हिमाचल) की कुलदेवी; महाभारत में भीम की पत्नी, घटोत्कच की माता।