शनिवार
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: शनैश्चरवार
शनिवार सप्ताह का सातवाँ और अंतिम वार है और इसका स्वामी-ग्रह शनि है। पंचांग में वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है। इसके अधिष्ठाता देव शनि (और हनुमान) हैं और इस दिन दान-पुण्य का विधान है।
वारों की उत्पत्ति होरा-गणना से मानी जाती है। शनि कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक ग्रह है, इसलिए यह वार संयम और श्रम से जुड़ा माना जाता है।
शनिवार को शनि-व्रत, दान और हनुमान-उपासना की परंपरा है। नए कार्य आरम्भ करने से बचकर कार्य पूर्ण करने और सेवा-कार्य के लिए यह वार उपयुक्त माना जाता है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ शनैश्चराय नमः॥
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स्रोत: सूर्य सिद्धांत