मकर राशि
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: मकर
मकर राशि दसवीं राशि है और 270° से 300° भाग में मानी जाती है। इसका स्वामी-ग्रह शनि है, तत्व पृथ्वी है और यह चर राशि कहलाती है। इसका संकेत मकर (मगर) है, जो अनुशासन, कर्म और धीरज का भाव दर्शाता है।
शास्त्रों में मकर को पृथ्वी-तत्व वाली तीन राशियों में तीसरी तथा वात-प्रधान राशि कहा गया है।
मकर राशि कर्म, उपलब्धि, अनुशासन और दीर्घकालिक साधना से जुड़ी मानी जाती है। मंगल इस राशि में उच्च होता है, इसलिए इसे परिश्रम और सफलता से जोड़ा जाता है।
प्रसिद्ध कथन
मकर को मृग (हिरण) के मुख वाले रूप में दर्शाया गया है (भावानुवाद)।
संबंधित
स्रोत: बृहत् पराशर होरा शास्त्र, सारावली