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विशाखा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: विशाख, विशाखा तारा

नक्षत्रवृश्चिक राशिबृहस्पतिविजय

विशाखा नक्षत्र तुला राशि के अंतिम भाग और वृश्चिक राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह बृहस्पति और अधिदेवता इंद्राग्नि हैं। इसका प्रतीक तोरण या मेहराब है, जो विजय और लक्ष्य का सूचक है।

यह तुला के 20 अंश से वृश्चिक के 3 अंश 20 कलां तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। इसे तारा और चरण के आधार पर फल देने वाला माना जाता है। यह चंद्र-पथ का सोलहवाँ नक्षत्र है।

विशाखा के जातक महत्वाकांक्षी, परिश्रमी और लक्ष्य-केंद्रित होते हैं। यह नक्षत्र संकल्प, प्रतिस्पर्धा और विजय का प्रतीक माना गया है। इसे कठिन लक्ष्य पाने का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ इन्द्राग्निभ्यां नमः

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स्रोत: अथर्ववेद