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आषाढ़ मास

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: असाढ़

मासआषाढ़ग्रीष्मचातुर्मास

आषाढ़ मास चांद्र-वर्ष का चौथा मास है। इसकी पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम आषाढ़ पड़ा। यह ग्रीष्म ऋतु का दूसरा मास है और इसके अधिष्ठाता विष्णु का वामन स्वरूप माने जाते हैं।

आषाढ़ा नक्षत्र से इस मास का नाम बना। इस मास में सूर्य के दक्षिणायन-क्रम और वर्षा के आगमन का काल निकट माना जाता है।

गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा), देवशयनी एकादशी और रथयात्रा इस मास के प्रमुख पर्व हैं। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरम्भ होता है।

प्रसिद्ध कथन

आषाढ़ मास की पूर्णिमा पूर्वाषाढ़ा या उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम आषाढ़ पड़ा (भावानुवाद)।

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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध