फाल्गुन मास
नक्षत्र एवं राशि
अन्य नाम: फागुन
फाल्गुन मास चांद्र-वर्ष का बारहवाँ और अंतिम मास है। इसकी पूर्णिमा पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम फाल्गुन पड़ा। यह शिशिर ऋतु का दूसरा मास है और इसके अधिष्ठाता विष्णु का नरसिंह स्वरूप माने जाते हैं।
फाल्गुनी नक्षत्र से इस मास का नाम बना। इस मास में शिशिर समाप्त होकर वसंत का आगमन होता है।
महाशिवरात्रि, होलिका दहन और होली (फाल्गुन पूर्णिमा) इस मास के प्रमुख पर्व हैं। होली के साथ वर्ष का उत्सव-काल पूर्ण होता है।
प्रसिद्ध कथन
फाल्गुन मास की पूर्णिमा पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में होती है, इसी से इसका नाम फाल्गुन पड़ा (भावानुवाद)।
संबंधित
स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध