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वृषभ राशि

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: वृषभ

राशिशुक्रपृथ्वीस्थिरज्योतिष

वृषभ राशि बारह राशियों में दूसरी है और 30° से 60° भाग में मानी जाती है। इसका स्वामी-ग्रह शुक्र है, तत्व पृथ्वी है और यह स्थिर राशि कहलाती है। इसका संकेत वृषभ अर्थात् बैल है, जो धैर्य, स्थिरता और परिश्रम का भाव दर्शाता है।

शास्त्रों में वृषभ को पृथ्वी-तत्व वाली तीन राशियों — वृषभ, कन्या और मकर — में पहली तथा वात-प्रधान राशि कहा गया है। सारावली और बृहत् संहिता में इसके स्वरूप का वर्णन मिलता है।

जन्म-कुंडली में वृषभ राशि का प्रभाव धैर्य, भोग-सामग्री के प्रति आकर्षण और स्थायी निर्णयों में दिखता है। चंद्र इस राशि में उच्च होता है, इसलिए इसे मन और समृद्धि से जोड़ा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

वृषभ अपने नाम के अनुरूप वृषभ (बैल) के रूप में दर्शाया गया है (भावानुवाद)।

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स्रोत: बृहत् पराशर होरा शास्त्र, सारावली