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चित्रा नक्षत्र

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: चित्रा तारा, चित्र

नक्षत्रतुला राशिमंगलसृजन

चित्रा नक्षत्र कन्या राशि के अंतिम भाग और तुला राशि के आरंभ में स्थित है। इसके स्वामी ग्रह मंगल और अधिदेवता विश्वकर्मा (त्वष्टा) हैं। इसका प्रतीक चमकता रत्न या मोती है, जो सुंदरता और सृजन का सूचक है।

यह कन्या के 23 अंश 20 कलां से तुला के 6 अंश 40 कलां तक फैला है और इसके चार चरण होते हैं। इसे तारा और चरण के आधार पर फल देने वाला माना जाता है। यह चंद्र-पथ का चौदहवाँ नक्षत्र है।

चित्रा के जातक सृजनशील, आकर्षक और कला-प्रेमी होते हैं। यह नक्षत्र शिल्प, निर्माण और सुंदरता का प्रतीक माना गया है। इसे रचना और आकर्षण का नक्षत्र कहा जाता है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ त्वष्ट्रे नमः

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स्रोत: बृहत् संहिता