शास्त्रज्ञग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान एवं शब्द — एक जगह

वृश्चिक राशि

नक्षत्र एवं राशि

अन्य नाम: वृश्चिक

राशिमंगलजलस्थिरज्योतिष

वृश्चिक राशि आठवीं राशि है और 210° से 240° भाग में मानी जाती है। इसका स्वामी-ग्रह मंगल है, तत्व जल है और यह स्थिर राशि कहलाती है। इसका संकेत वृश्चिक अर्थात् बिच्छू है, जो गूढ़ता, संकल्प और रक्षा का भाव दर्शाता है।

शास्त्रों में वृश्चिक को जल-तत्व वाली तीन राशियों में दूसरी तथा कफ-प्रधान राशि कहा गया है।

वृश्चिक राशि गहन भावना, रहस्य, संकल्प-शक्ति और अनुसंधान से जुड़ी मानी जाती है। जन्म-कुंडली में इसका प्रभाव व्यक्ति को दृढ़ और भावुक बनाता है।

प्रसिद्ध कथन

वृश्चिक अपने नाम के अनुरूप वृश्चिक (बिच्छू) के रूप में दर्शाया गया है (भावानुवाद)।

संबंधित

राशिमंगलनवग्रहज्योतिषतुला राशिधनु राशि

स्रोत: बृहत् पराशर होरा शास्त्र, सारावली