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वैष्णवी

देवी एवं उपासना

अन्य नाम: विष्णु-शक्ति, वैष्णव-शक्ति

सप्तमातृकामातृकापालन-शक्ति

वैष्णवी सप्तमातृका में द्वितीय हैं और भगवान विष्णु की शक्ति हैं। इनका वर्ण श्याम-नीला है और वे गरुड़ पर आरूढ़ होती हैं। चार हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल धारण करती हैं। उनके आभूषण और मुकुट विष्णु के समान ही होते हैं।

इनका वर्णन देवी महात्म्य, वराह पुराण, मत्स्य पुराण, विष्णुधर्मोत्तर पुराण तथा देवी भागवत पुराण में मिलता है। मातृका-परंपरा में यह मान्यता है कि प्रत्येक देवी अपने संबंधित देव के ही अस्त्र, आभूषण और वाहन धारण करती हैं।

इनका बीज मंत्र 'श्रीं' है और वे गरुड़-वाहिनी हैं। उपासना से धन, रक्षा, शत्रु-नाश और संपन्नता की प्राप्ति होती है।

प्रसिद्ध कथन

श्रीं — वैष्णवी का बीज मंत्र।

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विष्णुलक्ष्मीशक्तिदेवी भागवत पुराणचामुंडा

स्रोत: विष्णुधर्मोत्तर पुराण; देवी महात्म्य