बहुचरा माता
देवी एवं उपासना
अन्य नाम: बहुचरा देवी, बहुचराजी, बेचरा माता
बहुचरा माता गुजरात और राजस्थान की लोकदेवी हैं। ये चारण कुल से संबंधित मानी जाती हैं और हिंगलाज देवी का अवतार मानी जाती हैं। इनका वाहन मुर्गा है और ये हाथों में तलवार, त्रिशूल, शास्त्र तथा अभय-मुद्रा धारण करती हैं।
इनका वर्णन पुराणों में नहीं मिलता; ये गुजरात-राजस्थान की लोक-परंपरा की देवी हैं। लोककथा के अनुसार इन्होंने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अपने वक्ष काट दिए थे।
मेहसाणा जिले के बेचराजी में इनका प्रमुख मंदिर है, जिसे गुजरात के शक्तिपीठों में गिना जाता है। ये किन्नर (हिजड़ा) समुदाय की आराध्य देवी हैं और संतान-प्राप्ति तथा रोग-निवारण के लिए भी इनकी मनौती मानी जाती है। मंदिर-प्रांगण में मुर्गे पाले जाते हैं।
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स्रोत: लोक-परंपरा