वाहन
शब्दावली
अन्य नाम: वाहन, देव-वाहन, सवारी
वाहन उस प्राणी को कहते हैं जिस पर देवता सवार होते हैं अथवा जो उनके साथ प्रतिमा में दिखाया जाता है। संस्कृत में 'वाहन' का अर्थ है — जो वहन करे। प्रतिमा-शास्त्र में वाहन देवता का अभिन्न चिह्न माना जाता है, जिससे उसकी पहचान तुरंत हो जाती है।
प्रमुख जोड़ियाँ हैं — शिव का नंदी (वृषभ), विष्णु का गरुड़, दुर्गा का सिंह, ब्रह्मा और सरस्वती का हंस, गणेश का मूषक, कार्तिकेय का मयूर तथा इंद्र का ऐरावत। परंपरा में किसी एक देवता के अलग-अलग रूपों या क्षेत्रों में वाहन भिन्न भी बताए गए हैं।
वाहन केवल सवारी नहीं, बल्कि प्रतीक भी है — नंदी बल और दृढ़ भक्ति, गरुड़ गति और उत्थान, सिंह निर्भय शक्ति तथा हंस विवेक के प्रतीक माने जाते हैं। मंदिर-शिल्प में वाहन प्रायः गर्भगृह के सम्मुख या प्रतिमा के चरणों के निकट अंकित होता है।
प्रसिद्ध कथन
संबंधित
रामानंदी सम्प्रदायनृसिंहतापनी उपनिषदहंस पुराणविष्णुशिवदुर्गा
स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध, शिल्प शास्त्र