बुध
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: सौम्य, बुधग्रह, रौहिणेय
बुध नवग्रहों में चौथा ग्रह है और बुद्धि, वाणी, विवेक तथा गणित का अधिष्ठाता माना जाता है। इन्हें 'सौम्य' भी कहा जाता है और ये चंद्र के पुत्र माने गए हैं। इनका वार बुधवार और रंग हरा माना गया है।
पुराणों में बुध को चंद्र और तारा के पुत्र के रूप में वर्णित किया गया है। ये वाणिज्य, लेखन, विद्या और संचार से जुड़े माने गए हैं। ज्योतिष में इनका संबंध ग्रह-गणित और गणना से भी जोड़ा जाता है।
ज्योतिष में बुध बुद्धि, व्यापार, संवाद और बुद्धिमत्ता के कारक हैं। बुध-उपासना से वाणी, स्मरण-शक्ति और विद्या की वृद्धि मानी जाती है। छात्रों और वाणिज्य से जुड़े लोगों में इनकी उपासना विशेष रूप से प्रचलित है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
संबंधित
स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध