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यमलोक

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: संयमनी, यमपुर

लोकयमनरकपुराण

यमलोक धर्मराज यम का निवास और न्याय-स्थान है। इसे संयमनी अथवा यमपुर भी कहा जाता है और यह पृथ्वी की दक्षिण दिशा में स्थित माना गया है।

पुराणों के अनुसार यहाँ यम चित्रगुप्त के साथ जीवों के पाप-पुण्य का लेखा देखकर न्याय करते हैं। पुण्यवानों को स्वर्ग और पापियों को नरक भेजा जाता है। यमलोक में दिव्य सभा, कालदंड और यमदूतों का वर्णन मिलता है।

यमलोक मृत्यु और न्याय का प्रतीक है तथा नरक से भिन्न है — यहाँ न्याय होता है, दंड नरक में। इसका संबंध यम, चित्रगुप्त और नरक से है।

प्रसिद्ध कथन

यमाय धर्मराजाय मृत्यवे चान्तकाय च। वैवस्वताय कालाय सर्वभूतक्षयाय च॥

संबंधित

यमचित्रगुप्तनरकपितृलोक

स्रोत: गरुड़ पुराण