इंद्रलोक
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: इंद्रपुर, अमरावती
इंद्रलोक देवराज इंद्र का निवास और शासन-स्थान है। यह स्वर्ग-लोक का प्रमुख भाग है, जहाँ इंद्र अपनी पत्नी शची सहित रहते हैं।
पुराणों में इंद्रलोक की राजधानी अमरावती बताई गई है, जिसमें सुधर्मा सभा, नंदन वन, पारिजात वृक्ष और कल्पवृक्ष हैं। यहाँ अप्सराएँ, गंधर्व और देवता नित्य आनंद में रहते हैं। पुण्य क्षीण होने पर जीव को यहाँ से च्युत होना पड़ता है।
इंद्रलोक स्वर्ग-भोग का प्रतीक है और सप्तलोक के स्वर्लोक से जुड़ा है। यह मोक्ष नहीं, बल्कि पुण्य का फल-स्थान है। इसका संबंध इंद्र, स्वर्ग और सप्तलोक से है।
प्रसिद्ध कथन
अमरावती में इंद्र की सुधर्मा सभा और नंदन वन शोभा पाते हैं, जहाँ देवता पुण्य-फल भोगते हैं। (भावानुवाद – भागवत पुराण)
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स्रोत: भागवत पुराण