स्थापत्यवेद
शब्दावली
अन्य नाम: स्थापत्यवेद, शिल्पवेद, वास्तुविद्या
स्थापत्यवेद चार उपवेदों में एक है — यह वास्तुकला, भवन-निर्माण, नगर-योजना तथा मूर्तिकला का शास्त्र है। इसे अथर्ववेद से सम्बद्ध माना जाता है।
शास्त्रीय आधार — मानसार, मयमतम् तथा राजा भोज कृत समरांगण सूत्रधार इसके प्रमुख ग्रंथ हैं। परंपरा में विश्वकर्मा को शिल्प का देवता माना जाता है। कुछ सूचियों में इसके स्थान पर अर्थशास्त्र को चौथा उपवेद माना गया है।
विधि एवं महत्व — इसमें माप, अनुपात, दिशा, भूमि-चयन तथा निर्माण-सामग्री के नियम मिलते हैं। मंदिर-स्थापत्य, गृह-निर्माण तथा जल-व्यवस्था इसके अंतर्गत आते हैं। वास्तु-नियमों को लौकिक तथा आध्यात्मिक सुख-समृद्धि से जोड़ा गया है।
संबंधित
स्रोत: अथर्ववेद, मानसार, मयमतम्