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गांधर्ववेद

शब्दावली

अन्य नाम: गंधर्ववेद, गान्धर्ववेद

उपवेदसंगीतकला

गांधर्ववेद चार उपवेदों में एक है — यह संगीत, नृत्य तथा नाट्य-कला का शास्त्र है। इसे सामवेद से सम्बद्ध माना जाता है, क्योंकि सामवेद के मंत्र गाए जाते हैं और भारतीय संगीत का मूल सामगान ही है।

शास्त्रीय आधार — भरतमुनि का नाट्यशास्त्र, शार्ङ्गदेव का संगीत-रत्नाकर तथा मतंग का बृहद्देशी इसके प्रमुख ग्रंथ हैं। गांधर्व नाम देवलोक के गायक-वादक गंधर्वों से आया है।

विधि एवं महत्व — इसमें स्वर, ताल, राग, लय, वाद्य-यंत्र, नृत्य तथा अभिनय — सबका ज्ञान सम्मिलित है। यह मनोरंजन के साथ आत्मिक आनंद तथा भाव-अभिव्यक्ति का साधन माना गया। आज भी शास्त्रीय संगीत तथा नृत्य परंपराएँ इसी विद्या पर आधारित हैं।

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स्रोत: सामवेद, नाट्यशास्त्र