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सौर सम्प्रदाय

सम्प्रदाय एवं मठ

अन्य नाम: सौर धर्म, सूर्य उपासना

सूर्यगायत्रीकोणार्क

सौर सम्प्रदाय वह परंपरा है जिसमें भगवान सूर्य को सर्वोच्च देवता मानकर उनकी उपासना की जाती है। सूर्य को जगत के प्रकाश तथा ऊर्जा का स्रोत एवं परम ब्रह्म का प्रत्यक्ष रूप माना जाता है। इसके इष्टदेव सूर्य हैं।

यह सम्प्रदाय वेदों में उल्लिखित सूर्य उपासना पर आधारित है। कोणार्क, मोढेरा तथा मार्तंड सूर्य मंदिर इसके प्रमुख स्थल हैं। सूर्य को समर्पित अनेक प्राचीन मंदिर इस परंपरा के प्रमाण हैं।

सौर उपासना का प्रमुख साधन गायत्री मंत्र तथा सूर्य नमस्कार है। स्मार्त परंपरा में सूर्य को पंचदेवों में स्थान मिला। छठ पर्व आज भी सूर्य उपासना का लोकप्रिय रूप है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
ॐ सूर्याय नमः

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स्रोत: परंपरा