गणपत्य सम्प्रदाय
सम्प्रदाय एवं मठ
अन्य नाम: गाणपत्य सम्प्रदाय, गणेश उपासना
गणपत्य सम्प्रदाय वह परंपरा है जिसमें भगवान गणेश को सर्वोच्च देवता मानकर उनकी उपासना की जाती है। गणेश को विघ्नहर्ता तथा बुद्धि एवं सिद्धि के दाता माना जाता है। इसके इष्टदेव गणेश हैं।
यह सम्प्रदाय प्राचीन है और पुराणों में इसका उल्लेख मिलता है। महाराष्ट्र में अष्टविनायक तथा मोरगांव, सिद्धिविनायक आदि इसके प्रमुख स्थल हैं। गणेश पुराण इसका आधार ग्रंथ है।
गणेश की उपासना सभी हिंदू सम्प्रदायों में शुभ आरंभ के रूप में की जाती है। गणपत्य सम्प्रदाय ने गणेश को स्वतंत्र परमेश्वर के रूप में प्रतिष्ठित किया।
प्रसिद्ध कथन
ॐ गं गणपतये नमः
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
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स्रोत: सम्प्रदाय-ग्रंथ