शास्त्रज्ञग्रंथ, पात्र, कथाएँ, स्थान एवं शब्द — एक जगह

सप्तद्वीप

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: सात द्वीप, सप्त द्वीप

सृष्टिभूगोलब्रह्मांडपृथ्वी

सप्तद्वीप का अर्थ है पृथ्वी के सात बड़े द्वीप या विभाग। पुराणों के अनुसार इनके नाम हैं — जम्बूद्वीप, प्लक्षद्वीप, शाल्मलिद्वीप, कुशद्वीप, क्रौंचद्वीप, शाकद्वीप और पुष्करद्वीप। ये सब समुद्रों से घिरे माने जाते हैं और क्रमशः एक के बाहर एक विस्तृत हैं। इनका वर्णन पुराणों के भूगोल-प्रकरण में मिलता है।

विष्णु पुराण के अनुसार प्रत्येक द्वीप चारों ओर से भिन्न-भिन्न रस के सागरों से घिरा है। इन सागरों का वर्णन जल, दूध, घी, मधु आदि के रूप में किया गया है। प्रत्येक द्वीप में अनेक वर्ष और नदियाँ मानी गई हैं। इन सबके केंद्र में जम्बूद्वीप और उसमें भी भारतवर्ष की स्थिति मानी जाती है।

सप्तद्वीप का संबंध जम्बूद्वीप, ब्रह्मांड और सृष्टि-वर्णन से गहरा माना जाता है। इनका वर्णन प्राचीन भारतीय भूगोल और ब्रह्मांड-कल्पना का महत्वपूर्ण अंग है। इस प्रकार सप्तद्वीप पृथ्वी के विस्तृत स्वरूप का वर्णन प्रस्तुत करते हैं।

संबंधित

जम्बूद्वीपब्रह्मांडसृष्टिसप्तलोक

स्रोत: विष्णु पुराण