विष्णुलोक
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: वैकुंठ, परमपद
विष्णुलोक को वैकुंठ अथवा परमपद कहा जाता है। यह भगवान विष्णु का नित्य निवास है और सृष्टि के आवागमन से परे, अविनाशी माना गया है।
पुराणों में वैकुंठ को दूध-सा श्वेत, दिव्य और दुःखरहित बताया गया है, जहाँ लक्ष्मी सहित विष्णु विराजते हैं और भक्त नित्य उनका दर्शन पाते हैं। यहाँ न जन्म है, न मृत्यु, न भय — केवल आनंद और शांति है।
विष्णुलोक वैष्णव परंपरा में मोक्ष का परम स्थान है। यह ब्रह्मलोक और शिवलोक से भिन्न माना जाता है तथा सप्तलोक से ऊपर अक्षर-धाम कहलाता है। इसका संबंध विष्णु, वैकुंठ और मोक्ष से है।
प्रसिद्ध कथन
जहाँ पहुँचकर भक्त पुनः जन्म नहीं लेते, वही विष्णु का परम धाम वैकुंठ है। (भावानुवाद – भागवत पुराण)
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स्रोत: भागवत पुराण