ब्रह्मलोक
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: ब्रह्मपुर, ब्रह्मसदन
ब्रह्मलोक चतुर्मुख ब्रह्मा का निवास-स्थान है। इसे सप्तलोक के सर्वोच्च लोक सत्यलोक के साथ एक माना जाता है, जहाँ सृष्टिकर्ता ब्रह्मा अपने मानस-पुत्रों सहित निवास करते हैं।
पुराणों के अनुसार ब्रह्मलोक सत्यलोक में स्थित है और सब लोकों से ऊपर है। यहाँ न वेदना है, न जरा-मृत्यु; केवल सत्य और ज्ञान का प्रकाश है। यहाँ पहुँचने वाले जीव ब्रह्मा के कल्प के अंत तक रहते हैं और सृष्टि के पुनः आरंभ पर लौट आते हैं।
ब्रह्मलोक भक्ति और ज्ञान दोनों मार्गों का परम लक्ष्य नहीं माना जाता, क्योंकि यह भी कल्प-क्षय से बंधा है। इसका संबंध ब्रह्मा, सत्यलोक और सप्तलोक से है; वैकुंठ तथा शिवलोक से यह भिन्न मोक्ष-स्थान हैं।
प्रसिद्ध कथन
सत्यलोक में स्थित ब्रह्मलोक सब लोकों से ऊपर है, जहाँ ज्ञान का प्रकाश और मृत्यु का अभाव है। (भावानुवाद – विष्णु पुराण)
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स्रोत: विष्णु पुराण