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पुष्टिमार्ग (वल्लभ) सम्प्रदाय

सम्प्रदाय एवं मठ

अन्य नाम: वल्लभ सम्प्रदाय, वल्लभाचार्य सम्प्रदाय

कृष्णशुद्धाद्वैतनाथद्वारापुष्टि

पुष्टिमार्ग अथवा वल्लभ सम्प्रदाय कृष्ण भक्ति की वह परंपरा है जिसमें श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की उपासना की जाती है। इसका मुख्य सिद्धांत शुद्धाद्वैत है, जिसमें जीव और ब्रह्म की एकता मानी जाती है। इसके इष्टदेव श्रीनाथजी (कृष्ण) हैं।

इसके संस्थापक वल्लभाचार्य (1479-1531) हैं, जिन्होंने पुष्टि भक्ति का प्रचार किया। प्रमुख स्थल नाथद्वारा (राजस्थान) तथा वृंदावन हैं। उनके पुत्र विट्ठलनाथ ने अष्टछाप कवियों की परंपरा स्थापित की।

इस सम्प्रदाय में पुष्टि का अर्थ है भगवान का अनुग्रह, जिससे भक्त को मोक्ष मिलता है। सूरदास इस परंपरा के प्रसिद्ध कवि थे। सेवा तथा भक्ति का भाव यहाँ विशेष महत्व रखता है।

प्रसिद्ध कथन

श्री कृष्णः शरणं मम
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

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स्रोत: सम्प्रदाय-ग्रंथ