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ब्रह्म सम्प्रदाय

सम्प्रदाय एवं मठ

अन्य नाम: ब्रह्म-माध्व सम्प्रदाय, माध्व सम्प्रदाय

द्वैतमध्वउडुपीविष्णु

ब्रह्म सम्प्रदाय वैष्णव परंपरा की वह शाखा है जिसमें विष्णु को सर्वोच्च देवता मानकर उनकी उपासना की जाती है। इसका दार्शनिक आधार द्वैत वेदांत है। इसके इष्टदेव विष्णु (वासुदेव) हैं।

इसके संस्थापक आचार्य मध्व (परंपरागत रूप से 1238-1317) माने जाते हैं। उन्होंने द्वैत सिद्धांत का प्रतिपादन किया। प्रमुख स्थल उडुपी (कर्नाटक) है, जहाँ उन्होंने कृष्ण मंदिर की स्थापना की।

ब्रह्म सम्प्रदाय में जीव तथा ईश्वर के भेद पर बल दिया जाता है। मध्वाचार्य की परंपरा आगे गौड़ीय सम्प्रदाय तथा अन्य वैष्णव शाखाओं से भी जुड़ी। यह दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण वैष्णव सम्प्रदाय है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

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स्रोत: सम्प्रदाय-ग्रंथ