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धनुष

शब्दावली

अन्य नाम: धनुष, धनु, चाप

मूर्ति-शास्त्रआयुध

धनुष बाण छोड़ने का शस्त्र है, जिसे देवताओं और वीर-पात्रों की प्रतिमाओं में प्रायः हाथ में धारण करते हुए दिखाया जाता है। इसे दूर से लक्ष्य भेदने वाला अस्त्र माना जाता है और मूर्ति-शास्त्र के प्रमुख आयुधों में गिना जाता है।

शिव का धनुष 'पिनाक' कहलाता है, विष्णु का 'शारंग' और राम का 'कोदंड'; महाभारत में अर्जुन का धनुष 'गांडीव' है। कामदेव का धनुष प्रायः इक्षु (गन्ने) का और बाण पुष्पों का बताया जाता है।

प्रतीक-रूप में धनुष संकल्प, संयम और एकाग्रता से लक्ष्य-भेदन का सूचक माना जाता है। विष्णुधर्मोत्तर पुराण में धनुष को लाल कमल-वर्ण वाली स्त्री-रूप (आयुध-पुरुष) के रूप में वर्णित किया गया है, जो अपने सिर पर धनुष धारण करती है।

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शिवविष्णुआयुधदेव-प्रतिमा

स्रोत: शिव पुराण, रामायण, शिल्प शास्त्र