और्व
वेद एवं पुराण
अन्य नाम: और्व ऋषि
और्व एक महान ऋषि थे, जो भृगु-वंश के और च्यवन के पुत्र माने जाते हैं। वे अत्यंत तेजस्वी और तपस्वी थे।
क्षत्रियों द्वारा भृगु-वंश के वध से क्रुद्ध होकर और्व ने अपने क्रोध की अग्नि को अपनी जंघा (ऊरु) में छिपा लिया, इसीलिए वे और्व कहलाए और उनकी अग्नि और्वाग्नि के नाम से प्रसिद्ध हुई। बाद में ब्राह्मणों के अनुरोध पर उन्होंने इस अग्नि को समुद्र में प्रवाहित कर दिया।
और्व का उल्लेख महाभारत तथा अनेक पुराणों में मिलता है। वे ब्राह्मण-तेज और तपस्या की महिमा के प्रतीक माने जाते हैं।
नाते-रिश्ते
- च्यवन के पुत्र (परंपरा)
- भृगु-वंशी ऋषि
संबंधित
स्रोत: महाभारत – आदि पर्व / विष्णु पुराण