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शैव सम्प्रदाय

सम्प्रदाय एवं मठ

अन्य नाम: शैव धर्म, शिवोपासना

शिवलिंगभक्तियोग

शैव सम्प्रदाय हिंदू धर्म की वह धारा है जिसमें भगवान शिव को सर्वोच्च देवता मानकर उनकी उपासना की जाती है। शिव को सृष्टि के संहारक तथा परम चेतना का प्रतीक माना जाता है। इसके इष्टदेव शिव हैं, जिनकी पूजा लिंग रूप में की जाती है।

यह परंपरा अत्यंत प्राचीन है और वेदों तथा शिव पुराण में इसका आधार मिलता है। इसकी प्रमुख शाखाएँ शैव सिद्धांत, वीरशैव (लिंगायत), काश्मीर शैव तथा नाथ सम्प्रदाय हैं। प्रमुख स्थल काशी, सोमनाथ, रामेश्वरम, केदारनाथ एवं अमरनाथ हैं।

शैव परंपरा में भक्ति, योग तथा तंत्र — तीनों मार्गों का समन्वय दिखाई देता है। तमिल शैव संतों (नायनार) तथा बसवण्णा जैसे आचार्यों ने इसे समृद्ध किया। आज यह भारत के दक्षिण तथा उत्तर दोनों भागों में व्यापक रूप से प्रचलित है।

प्रसिद्ध कथन

ॐ नमः शिवाय
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

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स्रोत: परंपरा