लिंगायत
सम्प्रदाय एवं मठ
अन्य नाम: वीरशैव, लिंगवंत
लिंगायत अथवा वीरशैव सम्प्रदाय शैव परंपरा की वह शाखा है जिसमें भगवान शिव की उपासना इष्टलिंग के रूप में की जाती है। प्रत्येक अनुयायी इष्टलिंग धारण करता है। इसके इष्टदेव शिव हैं।
इसके संस्थापक बसवण्णा (बसवेश्वर) माने जाते हैं, जो बारहवीं शताब्दी में कर्नाटक में हुए। यह सम्प्रदाय कर्नाटक में विशेष रूप से प्रचलित है। इसका प्रमुख केंद्र कल्याण (कर्नाटक) रहा है।
लिंगायत परंपरा ने जाति तथा लिंग-भेद का विरोध किया और सभी को समान अधिकार दिया। बसवण्णा की वचन-साहित्य इस परंपरा की अमूल्य रचना है।
प्रसिद्ध कथन
ॐ नमः शिवाय
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स्रोत: परंपरा-प्रसिद्ध