पुरी गोवर्धन मठ
सम्प्रदाय एवं मठ
अन्य नाम: गोवर्धन मठ, पूर्वाम्नाय मठ
गोवर्धन मठ ओडिशा के पुरी में स्थित आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठों में से एक है। यह जगन्नाथ मंदिर के निकट स्थित है। इसका संबंध ऋग्वेद से माना जाता है।
परंपरा के अनुसार इस मठ का दायित्व शंकराचार्य के शिष्य पद्मपादाचार्य को मिला। यह पूर्वी भारत में अद्वैत वेदांत तथा दशनामी परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है।
पुरी जगन्नाथ धाम से जुड़ा होने के कारण इस मठ का विशेष धार्मिक महत्व है। यह रथ यात्रा तथा जगन्नाथ उपासना से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है।
प्रसिद्ध कथन
जगन्नाथ स्वामी नयनपथगामी भवतु मे
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स्रोत: परंपरा