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स्वर्लोक

वेद एवं पुराण

अन्य नाम: स्वर्-लोक, स्वर्ग

लोकसप्तलोकस्वर्गइंद्रपुराण

स्वर्लोक सप्तलोक का तीसरा लोक है, जिसे स्वर्ग कहा जाता है। यह भुवर्लोक के ऊपर स्थित है और इंद्र का शासन-क्षेत्र है।

पुराणों के अनुसार स्वर्लोक में पुण्यात्मा जीव देवताओं के साथ सुख भोगते हैं। यहाँ इंद्र की अमरावती, नंदन वन और कल्पवृक्ष हैं। पुण्य क्षीण होने पर जीव पुनः भूलोक में जन्म लेता है।

स्वर्लोक स्वर्ग-भोग का स्थान है, मोक्ष का नहीं। यह सप्तलोक-क्रम का तीसरा लोक है। इसका संबंध स्वर्ग, इंद्र और सप्तलोक से है।

प्रसिद्ध कथन

स्वर्लोक में देवता पुण्य के फलस्वरूप सुख भोगते हैं; पुण्य क्षीण होने पर वे पुनः भूमि पर लौटते हैं। (भावानुवाद)

संबंधित

स्वर्गइंद्रसप्तलोकभुवर्लोक

स्रोत: भागवत पुराण